Saturday, December 12, 2009



"Burdened"
 (watercolor on paper)
एक अजीब सा सूनापन
और
एक अजीब सी उदासी
कई दिनों से
जैसे बस गयी है रूह में
घुल गयी है लहू में

और
दौड़ रही है हरदम
चलती हुई सासों के साथ साथ
धड़कते हुए इस दिल के संग


कभी कुछ सोचता है ये मन,
तो कभी

पूछता है ये सवाल

कभी खुद से
तो कभी खुदा से
बस यही
बार बार

की

क्या है मेरा अंजाम?

कहाँ है मेरा मुकाम?

एक अजीब सा सूनापन
और
एक अजीब सी उदासी
कई दिनों से
जैसे बस गयी है रूह में
घुल गयी है लहू में

और
दौड़ रही है हरदम
चलती हुई सासों के साथ साथ
धड़कते हुए इस दिल के संग...
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1 comment:

Jas B said...

FJ: :)